पायल नाग बनी दुनिया की पहली ‘क्वाड्रुपल एम्प्यूटी (चारों अंगों से अक्षम)’ तीरंदाज
2026-04-09 : हाल ही में, ओडिशा की पायल नाग (Payal Nag) ने बैंकॉक में आयोजित वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। आपको बता दे की पायल यहाँ सभी चार अंगों से वंचित (क्वाड्रुपल एम्प्यूटी) होकर प्रतिस्पर्धा करने वाली वह अब तक की दुनिया की पहली तीरंदाज बन गई हैं। इससे पहले पायल ने वर्ष 2025 में दुबई में आयोजित एशियन यूथ पैरा गेम्स में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना पदार्पण किया था।
अपने खेल के दौरान पायल धनुष को स्थिर करने के लिए एक विशेष प्रोस्थेटिक आर्म (कृत्रिम अंग) का उपयोग करती हैं। इसके अलावा अपने कंधे और मुँह का उपयोग करके धनुष खींचने की एक अनूठी तकनीक अपनाती हैं। एक विशेष ट्रिगर तंत्र के माध्यम से तीर छोड़ने की क्रिया को सक्रिय करती हैं।
महज 8 वर्ष की आयु में पायल एक दर्दनाक हादसे का शिकार हुई थी। बताया जाता है की, वह गलती से एक जिंदा बिजली के तार के संपर्क में आ गईं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। जिसके बाद डॉक्टरों को उनकी जान बचाने के लिए उनके दोनों हाथ और दोनों पैर काटने पड़े थे।